Navratri Celebration

नवरात्री के अवसर पर बच्चों को हर एक दिन के महत्व के बारे में बताया गया तथा किस नवरात्र पर किस देवी को पूजा जाता है वह भी निम्निलिखित रूप में समझाया गया

17 अक्टूबर से नवरात्रि का पर्व आरंभ होने जा रहा है नवरात्र संस्कृत का शब्द है इसका अर्थ है नौ राते, नवरात्रि पर्व हिंदू धर्म में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है यह पर्व साल में दो बार आता है एक शारदीय नवरात्रि दूसरा चैत्र नवरात्रि। नवरात्रि में तीन देवियां पार्वती ,लक्ष्मी और सरस्वती के नौ रूपों की पूजा की जाती है जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है।
माता के नौ रूपों के नाम इस प्रकार हैं।
प्रथम दिन माता शैलपुत्री की आराधना की जाती है पर्वतराज हिमालय के यहां पुत्री के रूप में उत्पन्न होने के कारण इनको शैलपुत्री कहा गया है।
माता दुर्गा का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है इन्होंने तपस्या के द्वारा शिव को पाया था।
माता दुर्गा की तीसरी शक्ति का नाम है चंद्रघंटा इनके मस्तक पर घंटे का आकार का अर्धचंद्र है इसी कारण इनका नाम चंद्रघंटा पड़ा।
माता दुर्गा के चौथे स्वरूप का नाम है कुष्मांडा अपनी मंद हंसी द्वारा ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इनका नाम कुष्मांडा पड़ा।
मां दुर्गा के पांच स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से पूजा जाता है यह भगवान स्कंद कुमार यानी कार्तिकेय की माता होने के कारण इन्हें स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है।
माता के छठे स्वरूप को कात्यायनी के नाम से जाना जाता है महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर मां दुर्गा ने पुत्री के रूप में उनके यहां जन्म लिया इसलिए इन्हें कात्यानी के नाम से भी जाना जाता है।
माता दुर्गा के सातवें स्वरूप को कालरात्रि कहा जाता है मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है किंतु ये सदैव शुभ फल देने वाली मानी जाती है ।
माता केआठवें स्वरूप को महागौरी के नाम से जाना जाता है इनकी उपासना से भक्तों के सभी पाप धुल जाते हैं।
मां की नवी शक्ति को सिद्धिदात्री कहते हैं यह सभी प्रकार की सिद्धियां प्रदान करने वाली हैं इनकी उपासना से सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
बच्चों इस प्रकार जो माँ दुर्गा की भक्ति सच्चे मन व निस्वार्थ भाव से करता है उसे मां का आशीर्वाद हमेशा प्राप्त होता है ।जय माता दी।
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